पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर महिला से गैंगरेप के करीब 5 साल पुराने बहुचर्चित मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने 2 लोगों को 20-20 साल का कारावास सुनाया। दोषियों में एक की उम्र अभी 60 साल है तो दूसरे की उम्र 59 साल है। नामांकन भरे जाने के बाद यह घटनाक्रम हुआ था। सजा सुनाए जाने के साथ दोनों को कनावटी जिला जेल भेज दिया गया। जिले के इतिहास में दुष्कर्म मामले में पहली बार इतनी बड़ी अवधि की सजा दी गई है। तीसरे आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी किया। न्यायाधीश विवेक कुमार ने फैसले के दौरान टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा- 'ऐसी घटनाएं पीड़िता के जीवन की बुनियाद हिला देती हैं। स्त्रियों के लिए इसका दुष्परिणाम लंबे समय तक बना रहता है।
घटना मनासा ब्लॉक में 30 जनवरी 2015 को देर रात हुई थी। उस समय पंचायत चुनाव का दौर था। परिजन शादी में बाहर गए थे। चुनाव में प्रत्याशी नामांकन भर चुकी महिला घर में अकेली थी। दरवाजा खटखटाने की आवाज सुन महिला ने दरवाजा खोला तो दो लोग भीतर दाखिल हुए और बोले कि 'अब तु चुनाव लड़', कहने के बाद गैंगरेप हुआ।
तबीयत खराब होने से महिला बेहोश हो गई थी। उसे परिजन जिला अस्पताल लाए थे। नीमच कैंट के बाद मनासा थाने में केस दर्ज हुआ। महिला की पल्स रेट डाउन थी, ऐसे में मृत्यु पूर्व कथन लिए गए, जिसमें महिला ने ज्यादती करने के मामले में कालू सरपंच उर्फ कन्हैयालाल रावत, नंदलाल कछावा व अनिल बटवाल नामक व्यक्ति समेत 2 अन्य पर शंका जताई थी। घटना के वक्त कमरे में कुल 5 लोग होने की बात कही।